04/06/2026
दुर्लभ योग ज्येष्ठ अधिक अमावस्या का आखरी दिन 15 जून 2026 सोमवार....
महत्वः
चूंकि यह सोमवार के दिन पड़ रही है, इसलिए यह 'सोमवती अधिक अमावस्या' का अत्यंत दुर्लभसंयोग बन रहा है। इस दिन स्नान, दान और पितरों के तर्पण का फल हजार गुना अधिक मिलेगा।
अमावस्या तिथि की शुरुआत 14 जून 2026 को
दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर होगी. समापन जून 2026 को सोमवार के दिन सुबह 8 बजकर 23 मिनट होगा इस दिन क्या करना चाहिए?
यदि संभव हो, तो सुबह किसी पवित्र नदी (जैसे गंगा, यमुना) में स्नान करें। अगर ऐसा संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
स्नान के बाद हाथ में काले तिल और जल लेकर अपने पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण करें।
भूखे लोगों या ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र, जल, काली उड़द और छाता दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और परिक्रमा करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और शनि दोष से भी राहत मिलती है।