कुरआन और हदीस की बाते

कुरआन और हदीस की बाते Dawah-calling to Allah
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धुल-हिज्जा के पहले दस दिन इस्लाम में सबसे ज़्यादा मुबारक, अज़ीम और अल्लाह को पसंदीदा दिनों में से हैं।ये रहमत, मग़फ़िरत,...
17/05/2026

धुल-हिज्जा के पहले दस दिन इस्लाम में सबसे ज़्यादा मुबारक, अज़ीम और अल्लाह को पसंदीदा दिनों में से हैं।
ये रहमत, मग़फ़िरत, इबादत और बहुत बड़े अज्र वाले दिन हैं। इन दिनों में की गई हर नमाज़, हर सच्ची दुआ, हर सदक़ा और अल्लाह की याद में बिताया गया हर लम्हा ज़्यादा क़ीमती होता है।

रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: “अल्लाह को नेक आमाल किसी भी दिनों में इतने पसंद नहीं जितने इन दस दिनों में पसंद हैं।” (सहीह अल-बुख़ारी, हदीस 969)

अल्लाह तआला ने क़ुरआन में इन दिनों की क़सम खाई:
“क़सम है फ़ज्र की, और दस रातों की। (सूरह अल-फ़ज्र 89:1–2)

बहुत से उलमा ने बयान किया है कि “दस रातों” से मुराद धुल-हिज्जा के पहले दस दिन हैं। ये दिन एक बेहतरीन मौक़ा हैं:

• नमाज़ और ज़िक्र में इज़ाफ़ा करने का
• क़ुरआन पढ़ने और उस पर ग़ौर करने का
• खुलकर सदक़ा करने का
• सच्चे दिल से तौबा और इस्तिग़फ़ार करने का
• लोगों के साथ भलाई और नरमी करने का
• पहले नौ दिनों के रोज़े रखने का
• ख़ास तौर पर यौमे-अरफ़ा का रोज़ा रखने का

नबी ﷺ ने फ़रमाया: “यौमे-अरफ़ा का रोज़ा पिछले एक साल और आने वाले एक साल के गुनाहों का कफ़्फ़ारा बन जाता है।” (सहीह मुस्लिम, हदीस 1162)

इन क़ीमती दिनों को ग़फ़लत और दुनियावी मशग़लों में ज़ाया मत कीजिए। बहुत से लोग जो पिछला धुल-हिज्जा देख चुके थे, आज इस दुनिया में नहीं रहे। हो सकता है ये अल्लाह की तरफ़ से हमारे लिए एक और मौक़ा हो तौबा करने का, उसके क़रीब होने का और उसकी रहमत हासिल करने का।

अपने दिनों को इन चीज़ों से भर दीजिए: • तकबीर “अल्लाहु अकबर”
• तहमीद — “अल्हम्दुलिल्लाह”
• तहरील — “ला इलाहा इल्लल्लाह”
• तस्बीह — “सुब्हानल्लाह”

अल्लाह तआला हमें इन मुबारक दिनों को पाने की तौफ़ीक़ दे, हमारी इबादतों और नेक आमाल को क़ुबूल फ़रमाए, हमारे गुनाहों को माफ़ करे और हमें इख़्लास के साथ उसकी इबादत करने वाला बनाए। आमीन।

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✨ सारी बादशाही और इज़्ज़त का मालिक सिर्फ़ अल्लाह है ✨📖 सूरह आल-ए-इमरान 3:26🕋 अरबी मत्न:﴿ قُلِ ٱللَّهُمَّ مَـٰلِكَ ٱلْمُل...
16/05/2026

✨ सारी बादशाही और इज़्ज़त का मालिक सिर्फ़ अल्लाह है ✨

📖 सूरह आल-ए-इमरान 3:26

🕋 अरबी मत्न:
﴿ قُلِ ٱللَّهُمَّ مَـٰلِكَ ٱلْمُلْكِ تُؤْتِى ٱلْمُلْكَ مَن تَشَآءُ وَتَنزِعُ ٱلْمُلْكَ مِمَّن تَشَآءُ وَتُعِزُّ مَن تَشَآءُ وَتُذِلُّ مَن تَشَآءُ ۖ بِيَدِكَ ٱلْخَيْرُ ۖ إِنَّكَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ ﴾

📚 तर्जुमा:
“आप कह दीजिए: ऐ अल्लाह! ऐ बादशाही के मालिक! तू जिसे चाहे हुकूमत दे और जिससे चाहे छीन ले, जिसे चाहे इज़्ज़त दे और जिसे चाहे ज़लील कर दे। सारी भलाई तेरे ही हाथ में है। बेशक तू हर चीज़ पर क़ादिर है।”

🌿 यह आयत हमें याद दिलाती है कि इज़्ज़त, ताक़त, दौलत और हुकूमत सब अल्लाह के हाथ में है। इसलिए इंसान को हमेशा अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसी से दुआ माँगनी चाहिए।

🚨  #कयामत_का_खौफनाक_शोर🕋 कुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता है:﴿ فَإِذَا جَآءَتِ ٱلصَّآخَّةُ ۝ يَوْمَ يَفِرُّ ٱلْمَرْءُ مِن...
12/05/2026

🚨 #कयामत_का_खौफनाक_शोर
🕋 कुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता है:
﴿ فَإِذَا جَآءَتِ ٱلصَّآخَّةُ ۝ يَوْمَ يَفِرُّ ٱلْمَرْءُ مِنْ أَخِيهِ ۝ وَأُمِّهِۦ وَأَبِيهِ ۝ وَصَـٰحِبَتِهِۦ وَبَنِيهِ ۝ لِكُلِّ ٱمْرِئٍۢ مِّنْهُمْ يَوْمَئِذٍۢ شَأْنٌ يُغْنِيهِ ﴾
📖 “फिर जब कानों के पर्दे फाड़ देने वाली आवाज़ आएगी, उस दिन इंसान अपने भाई से, अपनी माँ और बाप से, अपनी बीवी और अपनी औलाद से भागेगा। उस दिन हर शख़्स अपनी ही फिक्र में होगा।”
📚 सूरह अबसा : 33-37
💔 क़यामत का दिन इतना डरावना होगा कि इंसान अपने सबसे क़रीबी रिश्तों को भी भूल जाएगा।
आज मौका है कि हम अपने गुनाहों से तौबा करें, नमाज़ की पाबंदी करें और अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें।
🤲 अल्लाह तआला हम सबको क़यामत की डरावनी हालत से महफूज़ फ़रमाए। आमीन।
#कयामत_का_खौफनाक_शोर








🌿  #निजात_का_रास्ता_क्या_है? 🌿हज़रत  (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, उन्होंने पूछा:“ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ! निजात की क्या ...
09/05/2026

🌿 #निजात_का_रास्ता_क्या_है? 🌿

हज़रत (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, उन्होंने पूछा:

“ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ! निजात की क्या सूरत है?”

तो ने फ़रमाया:

“अपनी ज़ुबान को क़ाबू में रखो, अपने घर को अपने लिए काफ़ी जानो और अपनी ख़ताओं पर रोते रहो।”

📕 — हदीस: 2406 (हसन)

✨ इस हदीस में कामयाबी और सुकून का बहुत बड़ा नुस्ख़ा बताया गया है:
✔️ ज़ुबान की हिफाज़त
✔️ फ़ितनों से दूरी
✔️ गुनाहों पर तौबा और शर्मिंदगी

🌸 जो इंसान अपनी ज़ुबान और अपने अमल की हिफाज़त करता है, अल्लाह उसके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में आसानी पैदा फ़रमा देता है।

 #क़यामतके दिन आँखें पत्थरा जाएँगी और चाँद बेनूर हो जाएगा🕋 ﴿ يَسْـَٔلُ أَيَّانَ يَوْمُ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۝ فَإِذَا بَرِقَ ٱل...
09/05/2026

#क़यामत

के दिन आँखें पत्थरा जाएँगी और चाँद बेनूर हो जाएगा

🕋 ﴿ يَسْـَٔلُ أَيَّانَ يَوْمُ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۝ فَإِذَا بَرِقَ ٱلْبَصَرُ ۝ وَخَسَفَ ٱلْقَمَرُ ۝ وَجُمِعَ ٱلشَّمْسُ وَٱلْقَمَرُ ۝ يَقُولُ ٱلْإِنسَـٰنُ يَوْمَئِذٍ أَيْنَ ٱلْمَفَرُّ ۝ كَلَّا لَا وَزَرَ ۝ إِلَىٰ رَبِّكَ يَوْمَئِذٍ ٱلْمُسْتَقَرُّ ﴾

📖 “(क़यामत का इंकार करने वाला) पूछता है कि क़यामत का दिन कब आएगा? फिर जब आँखें पत्थरा जाएँगी और चाँद बेनूर हो जाएगा, और सूरज व चाँद इकट्ठे कर दिए जाएँगे, उस दिन इंसान कहेगा: आज भागने की जगह कहाँ है? हरगिज़ नहीं! कोई पनाह नहीं। उस दिन सिर्फ़ आपके रब ही के पास ठिकाना होगा।”

📚 सूरह अल-क़ियामह : 75:6-12

✨ दुनिया की हर चीज़ फ़ानी है।
आख़िरत की तैयारी ही असली कामयाबी है।

 #ख़ुत्बा_ए_जुम्अ_की_अहमियत🕋 नबी-ए-करीम ﷺ ने फ़रमाया:« إِذَا قُلْتَ لِصَاحِبِكَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ: أَنْصِتْ، وَالإِمَام...
08/05/2026

#ख़ुत्बा_ए_जुम्अ_की_अहमियत

🕋 नबी-ए-करीम ﷺ ने फ़रमाया:

« إِذَا قُلْتَ لِصَاحِبِكَ يَوْمَ الْجُمُعَةِ: أَنْصِتْ، وَالإِمَامُ يَخْطُبُ، فَقَدْ لَغَوْتَ »

📚 #तर्जुमा

“जब इमाम जुम्अ के दिन ख़ुत्बा दे रहा हो और तुम अपने साथी से कहो: ‘चुप रहो’, तो तुमने भी बेकार काम किया।”

📖 हदीस नं. 934
📖 हदीस नं. 851

✨ इस हदीस से पता चलता है कि जुम्अ का ख़ुत्बा कितनी बड़ी अहमियत रखता है।
जब इमाम ख़ुत्बा दे रहा हो, उस वक़्त पूरी ख़ामोशी, तवज्जोह और अदब के साथ सुनना चाहिए।

🤲 अल्लाह तआला हमें जुम्अ के आदाब सीखने और उन पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। آمين

 #जुम्मे_की_पुकार🕋  ान_वालो! जब  #जुम्अ के दिन नमाज़ के लिए अज़ान दी जाए, तो अल्लाह के ज़िक्र की तरफ़ दौड़ पड़ो और ख़रीद...
08/05/2026

#जुम्मे_की_पुकार

🕋 ान_वालो! जब #जुम्अ के दिन नमाज़ के लिए अज़ान दी जाए, तो अल्लाह के ज़िक्र की तरफ़ दौड़ पड़ो और ख़रीद-फ़रोख़्त छोड़ दो...”

📖 सूरह अल-जुमुआह (62:9)

जुम्मे का दिन मुसलमानों के लिए बहुत बड़ी नेमत और बरकत वाला दिन है।
यह वह दिन है जब बंदा दुनियावी मशगूलियत छोड़कर अपने रब की तरफ़ रुजू करता है।
अज़ान की आवाज़ हमें याद दिलाती है कि असली काम अल्लाह की इबादत है।

✨ आइए, जुम्मे की नमाज़ की तैयारी करें, जल्दी मस्जिद जाएँ, दुरूद शरीफ़ की कसरत करें और इस मुबारक दिन की बरकतें हासिल करें।

🤲 अल्लाह तआला हम सबको जुम्मे की अहमियत समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। آمين

🌸  #नर्मी_और_अच्छे_अख़लाक़_की_अहमियत 🌸हज़रत जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ि०) से रिवायत है कि,रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया:“अल्ल...
07/05/2026

🌸 #नर्मी_और_अच्छे_अख़लाक़_की_अहमियत 🌸

हज़रत जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ि०) से रिवायत है कि,
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया:

“अल्लाह तआला उस बंदे पर रहमत फ़रमाए जो बेचने, खरीदने और अपना हक़ वसूल करने में नरमी इख़्तियार करे।”

📕 सहीह अल-बुख़ारी — हदीस 2076

✨ इस्लाम हमें हर मामले में नर्मी, अच्छा बर्ताव और आसान रवैया अपनाने की तालीम देता है।
जो इंसान लोगों के साथ आसानी और मुलायमियत से पेश आता है, अल्लाह उसकी ज़िंदगी में बरकत और अपनी रहमत नाज़िल फ़रमाता है।

✨  #इल्म_वालों_की_फ़ज़ीलत ✨📖 सूरह अज़-ज़ुमर (39:9)🕋 अरबी मत्न:﴿ قُلْ هَلْ يَسْتَوِى ٱلَّذِينَ يَعْلَمُونَ وَٱلَّذِينَ لَ...
07/05/2026

✨ #इल्म_वालों_की_फ़ज़ीलत ✨

📖 सूरह अज़-ज़ुमर (39:9)

🕋 अरबी मत्न:
﴿ قُلْ هَلْ يَسْتَوِى ٱلَّذِينَ يَعْلَمُونَ وَٱلَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ ۗ إِنَّمَا يَتَذَكَّرُ أُو۟لُوا۟ ٱلْأَلْبَـٰبِ ﴾

📚 #तर्जुमा
“कह दीजिए: क्या जानने वाले और न जानने वाले बराबर हो सकते हैं? नसीहत तो वही लोग हासिल करते हैं जो अक़्ल वाले हैं।”

🌿 इल्म इंसान को ऊँचा मुक़ाम देता है और सही राह दिखाता है।
जो लोग समझ और अक़्ल से काम लेते हैं, वही अल्लाह की नसीहत से फ़ायदा उठाते हैं।









05/05/2026

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